हाँ, आप ₹100 से बिटकॉइन ख़रीद सकते हैं। असल में Unocoin पर सिस्टमैटिक बाइंग प्लान (SBP) से ₹10 से भी शुरुआत हो सकती है। आपको पूरा एक बिटकॉइन ख़रीदने की ज़रूरत नहीं है, क्योंकि एक बिटकॉइन में 10 करोड़ सातोशी होते हैं, और ₹100 में आपको कुछ सातोशी मिलते हैं जो पूरी तरह आपके होते हैं।
तरीका सीधा है: Unocoin पर मुफ़्त अकाउंट बनाएं, ऐप के अंदर KYC पूरा करें, IMPS या NEFT से पैसे जोड़ें, और ₹100 का बिटकॉइन ख़रीदें, या तो एक बार में (इंस्टेंट बाय) या SBP से अपने आप। छोटी रकम पर फ़ीस का फ़र्क मायने रखता है, इसलिए नीचे वह भी समझा दिया है।
छोटा जवाब: हाँ
- न्यूनतम रकम: SBP से ₹10।
- ₹100 में क्या मिलता है: लाइव कीमत के हिसाब से कुछ हज़ार या सैकड़ों सातोशी।
- फ़ीस: SBP पर 0%। इंस्टेंट बाय पर 0.5% और फ़ीस पर 18% GST।
- टैक्स: ख़रीदने पर नहीं, बेचने पर मुनाफ़े पर 30% और 4% सेस।
₹100 में कितने सातोशी
बिटकॉइन की सबसे छोटी इकाई सातोशी है। 1 बिटकॉइन = 10,00,00,000 सातोशी, यानी 10 करोड़।
₹100 में कितने सातोशी मिलेंगे, यह उस समय की कीमत पर निर्भर करता है। हिसाब आसान है। समझने के लिए एक काल्पनिक कीमत लेते हैं, जो असली या अनुमानित कीमत नहीं है: मान लीजिए 1 बिटकॉइन = ₹80 लाख।
- ₹80 लाख = 10 करोड़ सातोशी
- तो ₹1 = 10 करोड़ ÷ 80 लाख = 12.5 सातोशी
- ₹10 = 125 सातोशी
- ₹100 = 1,250 सातोशी
कीमत बदलेगी तो यह संख्या बदलेगी। कीमत कम हो तो ₹100 में ज़्यादा सातोशी, कीमत ज़्यादा हो तो कम। असली संख्या जानने के लिए IndiaBitcoin होम पेज देखें, जहाँ लाइव कीमत पर दिखता है कि ₹10, ₹100 और ₹1,000 में अभी कितने सातोशी आते हैं।
इंस्टेंट बाय और SBP: फ़ीस का फ़र्क
छोटी रकम में फ़ीस का असर साफ़ दिखता है, इसलिए यह हिस्सा ध्यान से पढ़ें।
इंस्टेंट बाय
इंस्टेंट बाय में आप उसी पल ख़रीदते हैं। Unocoin पर इसकी फ़ीस 0.5% है और फ़ीस पर 18% GST लगता है। ₹100 पर हिसाब:
- फ़ीस: ₹100 का 0.5% = 50 पैसे
- GST: 50 पैसे का 18% = 9 पैसे
- कुल: लगभग 59 पैसे
SBP (सिस्टमैटिक बाइंग प्लान)
SBP ट्रेड पर फ़ीस 0% है। आप रकम (₹10 से ऊपर) और समय (रोज़, हफ़्ते या महीने) चुनते हैं, और प्लान अपने आप ख़रीदता रहता है। अगर आप हर हफ़्ते ₹100 डालने की सोच रहे हैं, तो SBP छोटी रकम के लिए स्वाभाविक रास्ता है। साल भर में 52 ख़रीद, और किसी पर ट्रेडिंग फ़ीस नहीं।
पैसे जमा करना (INR डिपॉज़िट) मुफ़्त है। पूरी फ़ीस सूची होम पेज के फ़ीस सेक्शन में है।
छोटी रकम से सीखना क्यों बेहतर है
मैं Unocoin का को-फ़ाउंडर हूँ। जब मैंने पहली बार बिटकॉइन ख़रीदा था, तब एक बिटकॉइन की कीमत क़रीब 5 से 10 डॉलर, यानी लगभग 500 रुपये थी। वह ज़माना अब नहीं रहा। लेकिन एक बात नहीं बदली: छोटी शुरुआत पूरी तरह सामान्य है।
2012-13 में बेंगलुरु की हमारी बिटकॉइन मीटअप्स में सबसे आम सवाल था, "क्या मैं थोड़ा बिटकॉइन ख़रीद सकता हूँ?" उस समय भारत में इसका कोई अच्छा जवाब नहीं था। आज है, और वह ₹10 से शुरू होता है।
छोटी रकम से शुरू करने के तीन फ़ायदे हैं:
- आप प्रक्रिया सीखते हैं। KYC, पैसे जोड़ना, ख़रीदना, अपना बैलेंस सातोशी में देखना। ये सब ₹100 में उतनी ही अच्छी तरह सीखा जा सकता है जितना ₹1 लाख में।
- आप उतार-चढ़ाव महसूस करते हैं। बिटकॉइन की कीमत तेज़ी से ऊपर-नीचे होती है। ₹100 पर 30% की गिरावट देखना, ₹1 लाख पर देखने से बहुत आसान है, और वही अनुभव आपको बताता है कि आप कितना जोखिम झेल सकते हैं।
- ग़लती सस्ती पड़ती है। अगर कोई चूक हो भी जाए, तो सबक छोटा होता है।
स्टेप बाय स्टेप: पहले ₹100
- अकाउंट बनाएं। अपने +91 मोबाइल नंबर से Unocoin पर मुफ़्त अकाउंट बनाएं। कोई मिनिमम बैलेंस नहीं।
- KYC पूरा करें। PAN और आधार से, Unocoin ऐप या साइट के अंदर ही। इन्हें किसी चैट, WhatsApp या कॉल पर कभी न भेजें।
- टू-फ़ैक्टर ऑथेंटिकेशन चालू करें। यह सबसे पहले।
- पैसे जोड़ें। IMPS या NEFT से ₹100 या जितना चाहें।
- ख़रीदें। एक बार के लिए इंस्टेंट बाय, या हर हफ़्ते/महीने के लिए SBP चुनें।
- सातोशी में देखें। अपना बैलेंस सातोशी में देखें। यही आपकी असली संख्या है।
- रिकॉर्ड रखें। तारीख़, रकम और कीमत। बेचते समय टैक्स के लिए काम आएगा।
₹100 हर हफ़्ते: एक साल में क्या होता है
अगर आप ₹100 हर हफ़्ते का SBP चलाते हैं, तो साल भर में 52 ख़रीद होंगी और आप कुल ₹5,200 लगाएंगे। हर हफ़्ते जितनी कीमत होगी, उसी हिसाब से सातोशी मिलेंगे: कीमत कम वाले हफ़्ते में ज़्यादा, कीमत ज़्यादा वाले हफ़्ते में कम। इसे रुपी कॉस्ट एवरेजिंग कहते हैं।
यह किसी रिटर्न का वादा नहीं है। साल के आख़िर में आपके सातोशी की वैल्यू ₹5,200 से ज़्यादा भी हो सकती है और कम भी। लेकिन इससे "आज ख़रीदूँ या कल?" वाला सवाल ख़त्म हो जाता है, जिस पर ज़्यादातर नए ख़रीदार अटक जाते हैं।
पुरानी असली कीमतों पर ऐसा प्लान कैसा चलता, यह देखने के लिए होम पेज पर SBP टाइम मशीन आज़माएं। यह पीछे मुड़कर देखना है, भविष्य का अनुमान नहीं।
टैक्स: छोटी रकम पर भी नियम वही
ख़रीदने पर टैक्स नहीं लगता। बेचने पर:
- मुनाफ़े पर 30% टैक्स और उस टैक्स पर 4% सेस। सिर्फ़ ख़रीद की लागत घटती है, कोई और ख़र्च नहीं।
- नुक़सान को किसी दूसरी आय से नहीं घटाया जा सकता, न आगे ले जाया जा सकता है।
- 1% TDS बिक्री की रकम पर लगता है, मुनाफ़े पर नहीं, लेकिन तभी जब साल की कुल बिक्री ₹50,000 (स्पेसिफ़ाइड पर्सन) या ₹10,000 (बाक़ी सब) से ऊपर जाए। यह आपके PAN में जमा होता है और आख़िरी टैक्स में एडजस्ट होता है।
- हर बिक्री ITR के Schedule VDA में दिखानी होती है।
विस्तार से समझने के लिए बिटकॉइन पर 1% TDS वाला पेज देखें, और अपना रिटर्न भरने से पहले CA से बात करें।
तीन बातें जो कभी न भूलें
- OTP, पासवर्ड, रिकवरी फ़्रेज़ किसी को नहीं। असली सपोर्ट टीम कभी नहीं माँगती। सपोर्ट के नाम पर कॉल आए तो काट दें। ऑनलाइन फ़्रॉड की शिकायत के लिए हेल्पलाइन 1930 है।
- "पक्का मुनाफ़ा" एक चेतावनी है। जो भी बिटकॉइन पर तय रिटर्न का वादा करे, उससे दूर रहें। कोई भविष्य की कीमत नहीं जानता।
- जोखिम असली है। क्रिप्टो उत्पाद और NFT अनियमित हैं और बहुत जोखिम भरे हो सकते हैं। ऐसे लेन-देन में किसी भी नुक़सान के लिए शायद कोई नियामक सहारा न मिले।
Unocoin 2013 से चल रहा है और FIU-IND के साथ PMLA के तहत रिपोर्टिंग एंटिटी के रूप में रजिस्टर्ड है। आप अपनी तसल्ली के लिए ख़ुद जाँच सकते हैं, हमारे Unocoin कितना सुरक्षित है वाले पेज पर हर तथ्य का स्रोत दिया है। SBP के बारे में और जानने के लिए बिटकॉइन SIP गाइड पढ़ें।
आम सवाल
बिटकॉइन खरीदने की न्यूनतम रकम क्या है?
Unocoin पर सिस्टमैटिक बाइंग प्लान (SBP) से ₹10 से बिटकॉइन खरीद सकते हैं। पूरा एक बिटकॉइन खरीदना ज़रूरी नहीं, क्योंकि एक बिटकॉइन में 10 करोड़ सातोशी होते हैं।
₹100 पर कितनी फ़ीस लगती है?
SBP ट्रेड पर फ़ीस 0% है, यानी ₹100 पूरे बिटकॉइन ख़रीदने में लगते हैं। इंस्टेंट बाय पर 0.5% फ़ीस और उस फ़ीस पर 18% GST लगता है, यानी ₹100 पर लगभग 59 पैसे।
क्या छोटी रकम बेच भी सकते हैं?
हाँ, छोटी रकम भी बेची जा सकती है। बेचने पर मुनाफ़ा हो तो उस पर 30% टैक्स और 4% सेस लगता है, और नुक़सान को दूसरी आय से नहीं घटाया जा सकता। अपने CA से पूछें।
क्या छोटे ट्रेड पर TDS कटता है?
धारा 194S (अब Income-tax Act, 2025 में धारा 393) के तहत 1% TDS बिक्री की रकम पर लगता है, लेकिन तभी जब साल भर की कुल बिक्री तय सीमा पार करे: 'स्पेसिफ़ाइड पर्सन' के लिए ₹50,000 और बाक़ी सबके लिए ₹10,000। प्लेटफ़ॉर्म तय करता है कि आपके अकाउंट पर TDS कैसे लागू हो। कटा हुआ TDS Form 26AS और AIS में दिखता है और रिटर्न में क्लेम होता है।